COPYRIGHT © 2007. The blog author holds the copyright over all the blog posts, in this blog. Republishing in ROMAN or translating my works without permission is not permitted.

Tuesday, July 12, 2011

शब्द ही ना समझे पर शब्दो को

किस शब्द ने किस शब्द से क्या कहा
किस शब्द से किस शब्द को चोट लगी
किस शब्द से किस शब्द को दर्द हुआ
किस शब्द से किस शब्द को प्यार हुआ
किस शब्द से किस शब्द को नफरत हुई
शब्दो के जाल मे शब्दो की उम्र हुई
पर शब्द ही ना समझे पर शब्दो को

11 comments:

कुमार राधारमण said...

आओ
निःशब्द हो जाएं
कि शब्दों को
कुछ अर्थ मिलें!

๑♥!!अक्षय-मन!!♥๑, said...

bahut hi accha likha hai....

सोचता रहता हूं
वो शब्द
जो तुम्हारे दर्द
में ढल जाये
आखिर तुम भी तो
कभी ये समझोगी
की मैं भी
तुम्हे समझता हूं....अक्षय-मन

Rakesh Kumar said...

भगवदगीता के 'अक्षर ब्रह्म योग' को पढ़ना पड़ेगा अब तो.
सुन्दर प्रस्तुति है आपकी,बहुत कुछ कहती हुई.
आभार.

mahendra srivastava said...

बहुत सुंदर
क्या कहने।

राजीव थेपड़ा said...

kuchh kah paane men asamarth hoon main to....!!

Patali-The-Village said...

बहुत सुंदर शब्द|

रश्मि प्रभा... said...

बिल्कुल सगे , फिर भी अपरिचित , निर्विकार

तू सवेरा ज़ुदा है माँ said...

khubsurat shabd

पंछी said...

wah bahut sundar

मत भेद न बने मन भेद- A post for all bloggers

Madan Mohan Saxena said...

बहुत उम्दा,सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति
नब बर्ष (2013) की हार्दिक शुभकामना.

मंगलमय हो आपको नब बर्ष का त्यौहार
जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
इश्वर की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार.


आशा जोगळेकर said...

और किसोी शब्द को किसी शब्द से प्यार हो गया ।